Difference Between Baseband and Broadband Transmission in Hindi

आज के इस पोस्ट में हम Difference Between Baseband and Broadband Transmission in Hindi में जानेंगे की Baseband और Broadband Transmission के बीच में क्या अंतर होता हैं?

Difference Between Baseband and Broadband Transmission in HindiDifference Between Baseband and Broadband Transmission in Hindi

Baseband और Broadband Transmission दोनों ही यह Describe करते है कि डेटा को दो नोड्स के बीच कैसे ट्रांसमिट किया जाता है। अगर Baseband और Broadband Transmission के बीच के मुख्य अंतर की बात की जाए तो बेसबैंड टेक्नोलॉजी एक समय में एक ही डेटा सिग्नल / स्ट्रीम / चैनल को प्रसारित करती है जबकि ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी एक ही समय में एक साथ कई डेटा सिग्नल / स्ट्रीम / चैनल प्रसारित करती है।

दोनों Technologies के बीच बुनियादी अंतर को समझने के लिए, बेसबैंड को रेलवे ट्रैक और ब्रॉडबैंड को हाईवे के रूप में मान सकते है । जैसे एक Railway ट्रैक पर एक समय में केवल एक ही ट्रेन जा सकती है वैसे ही बेसबैंड ट्रांसमिशन में एक समय में केवल एक डेटा सिग्नल प्रेषित किया जा सकता है।

दूसरी और एक हाईवे पर रेलवे ट्रैक के विपरीत, कई वाहन एक साथ चल सकते हैं। ठीक उसी प्रकार ब्रॉडबैंड ट्रांसमिशन में एक हाईवे  के रूप में ही, एक ही समय में कई डेटा सिग्नल प्रसारित किए जा सकते हैं।

इसके आलावा भी Baseband और Broadband Transmission  में कुछ महत्त्वपूर्ण अंतर पाए जाते है जिनको हम Difference Table के माध्यम से नीचे जानेगे लेकिन उससे हम Baseband और Broadband Transmission क्या होता है इसको हम और अच्छे से समझते है।

What is Baseband Transmission in Hindi-बेसबैंड ट्रांसमिशन किसे कहते है?

Baseband Technology डेटा ट्रांसमिशन में डिजिटल सिग्नल का उपयोग करती है। यह विभिन्न वोल्टेज के रूप में सीधे बाइनरी मान को भेजता है। डिजिटल सिग्नल को रिपीटर के माध्यम से Regenerate किया जा सकता है ताकि उन्हें लम्बी दूरी तक ट्रांसमिट किया जा सकता है।

बेसबैंड Bidirectional communication का समर्थन करता है। इसका मतलब है, यह तकनीक एक साथ डेटा को  सेंड और रिसीव कर सकती है। Bidirectional कम्युनिकेशन का समर्थन करने के लिए यह तकनीक एक साथ दो अलग-अलग विद्युत सर्किट का उपयोग करती है एक भेजने के लिए और दूसरा पाने के लिए।

हालाँकि, बेसबैंड एक समय में केवल एक ही डेटा स्ट्रीम प्रसारित करता है, लेकिन एक साथ कई नोड्स के सिग्नल्स को प्रसारित करना संभव है। यह सभी सिग्नल्स को एक ही डेटा स्ट्रीम में जोड़कर किया जाता है। मल्टीपल नोड्स के सिग्नल्स को मिलाने के लिए मल्टीप्लेक्सिंग नामक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। बेसबैंड टाइम डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग (TDM) का समर्थन करता है।

बेसबैंड तकनीक मुख्य रूप से दो नोड्स के बीच डेटा को ट्रांसफर करने के लिए ईथरनेट नेटवर्क में उपयोग की जाती है। इस तकनीक का उपयोग ईथरनेट के सभी तीन प्रकारों की लोकप्रिय केबल coaxial, twisted-pair, fiber-optic पर किया जा सकता है।

What is Broadband Transmission in Hindi-ब्रॉडबैंड ट्रांसमिशन किसे कहते है?

ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी  डेटा ट्रांसमिशन में एनालॉग सिग्नल का उपयोग करती है। ब्रॉडबैंड में एक विशेष एनालॉग वेव का उपयोग होता है जिसे carrier wave  के रूप में जाना जाता है। एक carrier wave में कोई डेटा नहीं होता है लेकिन एनालॉग सिग्नल के सभी गुण होते हैं। यह तकनीक carrier wave में डेटा / डिजिटल सिग्नल / बाइनरी मानों को मिलाती है और चैनल / माध्यम में carrier wave भेजती है।

एक साथ कई नोड्स के डेटा को ट्रांसमिट करने के लिए Broadband फ्रिक्वेंसी डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग को सपोर्ट करता है। FDM (फ़्रीक्वेंसी डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग) चैनल को कई उप-चैनलों में विभाजित करता है और प्रत्येक नोड को एक उप-चैनल असाइन करता है। प्रत्येक उप-चैनल एक अलग carrier wave ले जा सकता है। इसमें लंबी दूरी  में सिग्नल्स को ट्रांसमिट करने के लिए एम्पलीफायरों का उपयोग करके एनालॉग सिग्नल को Regenerate किया जा सकता है।

ब्रॉडबैंड केवल unidirectional communication का समर्थन करता है। इसका मतलब है, एक माध्यम के दोनों सिरों पर जुड़े नोड्स डेटा भेज या प्राप्त कर सकते हैं लेकिन एक साथ दोनों क्रियाएं नहीं कर सकते। एक समय में केवल या तो डेटा को रिसीव कर सकते है या सेंड।

ब्रॉडबैंड ट्रांसमिशन का उपयोग आमतौर पर ऐसे जगह किया जाता है जहा ऑडियो, वीडियो और डेटा को एक साथ ट्रांसमिट किया जाता है उदाहरण के लिए, केबल टीवी नेटवर्क, रेडियो स्टेशन और टेलीफोन कंपनियां।

Baseband और Broadband Transmission में क्या अंतर है?

अभी तक ऊपर हमने जाना की Baseband और Broadband Transmission किसे कहते है अगर आपने ऊपर दी गयी सारी चीजे ध्यान से पढ़ी है तो आपको Baseband और Broadband Transmission के बीच क्या अंतर है इसके बारे में पता चल गया होगा।

अगर आपको अब भी Baseband और Broadband Transmission  क्या होता है और इसमें क्या अंतर है में कोई Confusion है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

Baseband transmission Broadband transmission
यह डिजिटल सिंग्नल्स को Transmit करता है। यह एनालॉग सिग्नल्स को ट्रांसमिट करता है।
सिग्नल की शक्ति बढ़ाने के लिए  रिपीटर्स का उपयोग करता है। यह सिग्नल्स की स्ट्रेंथ को बढ़ाने के लिए Amplifiers का इस्तेमाल करता है।
एक समय में केवल एक ही डेटा स्ट्रीम ट्रांसमिट कर सकता है। एक समय में कई सिग्नल वेव को ट्रांसमिट कर सकता है
Bidirectional communication को सपोर्ट करता है। यह केवल unidirectional communication को सपोर्ट करता है।
TDM based multiplexing को सपोर्ट करता है। FDM based multiplexing को सपोर्ट करता हैं।
इसमें  coaxial, twisted-pair और fiber-optic cables का इस्तेमाल किया जाता है। Radio waves के coaxial cables और fiber optic cables का इस्तेमाल होता है।
मुख्य रूप से ईथरनेट लैन नेटवर्क में उपयोग किया जाता है इसका इस्तेमाल टेलीफोन नेटवर्क में किया जाता है।

Conclusion

इस पोस्ट में हमने जाना Difference Between Baseband and Broadband Transmission in Hindi की Baseband और Broadband Transmission के बीच में क्या अंतर होता हैं?  साथ ही हमने Baseband और Broadband Transmission क्या होता है इसको भी अच्छे से समझा।

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Ravi Girihttps://hinditechacademy.com/
नमस्कार दोस्तों, मै रवि गिरी Hindi Tech Academy का संस्थापक हूँ, मुझे पढ़ने और लिखने का काफी शौख है और इसीलिए मैंने इस ब्लॉग को बनाया है ताकि हर रोज एक नयी चीज़ के बारे में अपने ब्लॉग पर लिख कर आपके समक्ष रख सकू।

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