Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account के बीच क्या अंतर है?

आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account किसे कहते है और Difference Between Fixed Capital Account and Fluctuating Capital Account in Hindi की Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Accountमें क्या अंतर है?

Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account के बीच क्या अंतर है?

एक पूंजी खाता (Capital Account) एक सामान्य बही खाता (ledger account) है जो कुछ विशेष लेन-देन दिखाता है जैसे मालिक के अपने व्यवसाय में निवेश, कमाई की कुल राशि, कंपनियों के खर्च आदि।

कई और लेनदेन हैं जो पूंजी को प्रभावित करते हैं। जैसे: पूंजी पर ब्याज, आहरण पर ब्याज, भागीदारों को वेतन, भागीदारों के लिए कमीशन, आदि। इन मूल्यों को लाभ और हानि Appropriation Account में रखा जाता है और साथ ही उनके संबंधित पूंजी खातों में जमा या डेबिट किया जाता है।

Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते है जिनको हम Difference टेबल के माध्यम से नीचे समझेंगे लेकिन उससे पहले हम Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account किसे कहते है इसको और अच्छे से समझ लेते है।

What is Fixed Capital Account in Hindi-फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट क्या होता है?

अचल पूंजी (Fixed capital) एक व्यवसाय के कुल पूंजी परिव्यय का हिस्सा है जो भौतिक संपत्तियों जैसे कारखानों, वाहनों और मशीनरी में निवेश किया जाता है जो व्यवसाय में लगभग स्थायी रूप से, या अधिक तकनीकी रूप से, एक से अधिक एकाउंटिंग पीरियड के लिए रहता है।

What is Fluctuating Capital Account in Hindi-फ्लकचुएट कैपिटल अकाउंट क्या होता है?

Fluctuating का अर्थ है अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव वाली कोई भी चीज। अतः इस पद्धति के अंतर्गत प्रत्येक साझेदार की पूँजी समय-समय पर बदलती रहती है। एक फर्म में, “पूंजी” नाम के तहत एक एकल खाता होता है जो पूंजी से संबंधित विभिन्न लेनदेन के बारे में सभी आवश्यक जानकारी दिखाता है।

यह ज्यादातर व्यवसाय के शुरुआती समय में साझेदार द्वारा निवेश की गई पूंजी की क्रेडिट राशि से शुरू होता है। पूंजी में कमी की ओर ले जाने वाले सभी समायोजन पूंजी खाते के डेबिट पक्ष पर दिखाए जाते हैं।

Difference Between Fixed Capital Account and Fluctuating Capital Account in Hindi

अभी तक ऊपर हमने जाना की Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account किसे कहते है अगर आपने ऊपर दी गयी सारी चीजे ध्यान से पढ़ी है तो आपको Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account  के बीच क्या अंतर है इसके बारे में अच्छे से पता चल गया होगा।

अगर आपको अब भी Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account क्या होता है और इसमें क्या अंतर है इसको समझने में में कोई कन्फ़्युशन है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

Fixed Capital Method Fluctuating Capital Method
दो खाते तैयार किए जाते हैं: Capital Account और Current Account केवल एक ही खाता Capital Account तैयार होता है।
इसमें कैपिटल बैलेंस अपरिवर्तित रहता है कैपिटल बैलेंस में उतार-चढ़ाव होता है।
बैलेंस शीट में कैपिटल और करंट अकाउंट दोनों दिखाई देते हैं। बैलेंस शीट में केवल कैपिटल अकाउंट दिखाई देता है।
यदि इस पद्धति का उपयोग किया जाता है तो इसे पार्टनरशिप डीड में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए। यदि इस पद्धति का उपयोग किया जाता है तो पार्टनरशिप डीड के तहत विधि निर्दिष्ट करना आवश्यक नहीं है
फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट हमेशा क्रेडिट बैलेंस दिखाएगा। fluctuating capital account डेबिट बैलेंस भी दिखा सकता है।

Conclusion

आज के इस पोस्ट में हमने जाना की Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account किसे कहते है और Difference Between Fixed Capital Account and Fluctuating Capital Account in Hindi की Fixed Capital Account और Fluctuating Capital Account  में क्या अंतर है।

Ravi Girihttps://hinditechacademy.com/
नमस्कार दोस्तों, मै रवि गिरी Hindi Tech Academy का संस्थापक हूँ, मुझे पढ़ने और लिखने का काफी शौख है और इसीलिए मैंने इस ब्लॉग को बनाया है ताकि हर रोज एक नयी चीज़ के बारे में अपने ब्लॉग पर लिख कर आपके समक्ष रख सकू।

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