Difference Between Flow Control and Congestion Control in Hindi

आज के इस पोस्ट में हम Difference Between Flow Control and Congestion Control in Hindi में जानेंगे की Flow Control और Congestion Control के बीच में क्या अंतर होता हैं?

Difference Between Flow Control and Congestion Control in Hindi

Difference Between Flow Control and Congestion Control in Hindi

Flow Control और Congestion control दोनों Traffic Controlling Mechanism हैं लेकिन दोनों  ही different situations में अलग – अलग तरीके से Data Traffic को नियंत्रित करते हैं। Flow  Control और Congestion Control के बीच मुख्य अंतर यह है कि Flow Control एक ऐसी Mechanism है जो Sender और Receiver के बीच Traffic को नियंत्रित करता है।

जबकि congestion control एक ऐसी mechanism है जो  Transport Layer और Network Layer  के बीच होने वाले Data Flow को Control करता है ।

Flow Control और Congestion control  के बीच और भी बहुत सारे अंतर है जिनको हम Difference चार्ट के माध्यम से आगे जानेगे। लेकिन उससे पहले हम Flow Control और Congestion control को अच्छे से समझेंगे।

What is Flow Control in Hindi- Flow Control क्या है?

Data Communication के क्षेत्र में Flow Control दो Nods के बीच डाटा Transmission की दर को मैनेज करने की प्रकिया हैं। Flow Control के Issues को ट्रांसपोर्ट लेयर के साथ डेटा लिंक लेयर द्वारा हैंडल किया जाता है। Flow Control Mechanism का मुख्य फोकस faster-transmitting sender द्वारा भेजे गए डेटा को overloaded होने से रोकना है।

यदि कोई Sender  शक्तिशाली मशीन पर है और यह डेटा को तेज दर पर ट्रांसमिट कर रहा है, भले ही Transmitted डेटा Error Free हो, तो यह हो सकता है कि रिसीवर उसी स्पीड में डाटा को रिसीव करने में असमर्थ हो और वह कुछ डाटा खो रहा हो।

Flow Control सेन्डर यह को बताता है कि रिसीवर को कितना डेटा भेजा जाना चाहिए ताकि वह उस डाटा को बिना खोये उसे आसानी से रिसीव कर सके। यह mechanism  डाटा सेन्डर को तब तक Next Data Packet डेटा को भेजने से  रोकता है।

जब तक पहले  का डाटा रिसीव न कर ले और और इसकी जानकारी यह एक Acknowledge मैसेज  के माध्यम से सेन्डर को बताता हैं । डेटा के Flow को कण्ट्रोल  करने के दो तरीके हैं Stop and Wait Protocol और Sliding Window Protocol

What is Congestion Control in Hindi- Congestion Control  क्या है?

नेटवर्क में Congestion स्थित तब होती है जब नेटवर्क में बहुत अधिक डाटा पैकेट की उपस्थिति होती है।नेटवर्क में ट्रांसपोर्ट लेयर द्वारा भेजे गए डाटा  पैकेट के कारण कंजेशन पैदा होता है। नेटवर्क पर ट्रांसपोर्ट लेयर जगह पर लोड को कम करके नेटवर्क में Congestion को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।

नेटवर्क में होने वाले Congestion से नेटवर्क के Performance पर काफी बुरा असर पड़ता है। चूंकि यह पैकेट को रिसीवर तक पहुंचाने में देरी का कारण बनता है या डाटा पैकेट का लॉस भी हो सकता है। नेटवर्क में कंजेशन को कंट्रोल करना नेटवर्क लेयर और ट्रांसपोर्ट लेयर की जिम्मेदारी है।

नेटवर्क में Congestion को तीन तरीको से Control किया जा सकता है।

Provisioning-प्रोविजनिंग में एक नेटवर्क बनाया जाता है जो उस ट्रैफ़िक के साथ अच्छी तरह से मेल खाता है जो इसे Carry करता है।

Traffic aware Routing -ट्रैफिक अवेयरिंग रूटिंग में ट्रैफिक पैटर्न के अनुसार Routes को अनुकूलित किया जाता है।

Admission Control- इसमे नेटवर्क के नए कनेक्शनों को मना कर दिया जाता है जो नेटवर्क में Congestion का कारण बनता है।

Difference Between Flow Control and Congestion Control in Hindi

अभी तक ऊपर हमने जाना की What is Flow Control Hindi-Flow Control किसे कहते है? और What is Congestion Control  in Hindi-Congestion Control किसे कहते है?

अगर आपने ऊपर दी गयी सारी बाते ध्यान से पढ़ी है तो आपको Flow Control और Congestion Control के बीच क्या अंतर है इसके बारे में पता चल गया होगा ।

अगर आपको अब भी Flow Control और Congestion Control में कोई confusion है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

S.NO FLOW CONTROL CONGESTION CONTROL
1. Flow Control में, ट्रैफ़िक नियंत्रित होता है जो Sender से रिसीवर तक Flow होता है। इसमें ट्रैफ़िक्स को नेटवर्क में प्रवेश करने को Control किया जाता है।
2. Flow Control को डेटा लिंक लेयर और ट्रांसपोर्ट लेयर संभालती है।  Congestion Control को Network layer और Transport layer के द्वारा handle किया जाता है.
3. इसमें रिसीवर के डेटा को Overload होने से रोका जाता है। इसमें नेटवर्क को कंजेशन से रोका जाता है।
4. Flow Control में ट्रैफ़िक के लिए केवल Sender जिम्मेदार है। इसमें ट्रैफिक के लिए ट्रांसपोर्ट लेयर जिम्मेदार है।
5. Flow Control में ट्रैफिक को धीरे-धीरे भेजने वाले sender को रोका जाता है। इसमें ट्रांसपोर्ट लेयर द्वारा धीरे-धीरे ट्रांसमिट करके ट्रैफिक को रोका जाता है।
6. Flow Control में buffer overrun को रिसीवर में नियंत्रित किया जाता है। congestion control में, नेटवर्क में मध्यवर्ती सिस्टम में buffer overrun को नियंत्रित किया जाता है।

 

Conclusion

आज की इस पोस्ट में हमने Difference Between Flow Control and Congestion Control in Hindi की Flow Control और Congestion Control के बीच में क्या अंतर होता हैं  इसके बारे में जाना।

Flow Control एक Point to Point डाटा कंट्रोल Mechanism है जो एक सेन्डर और एक रिसीवर के बीच Data Traffic को नियंत्रित करता है और तेजी से डाटा को ट्रांसमिट करने वाले सेन्डर के द्वारा ट्रांसमिट डेटा से Overwhelmed होने से रिसीवर को बचाता है। Congestion Control एक ऐसी Mechanism है जो नेटवर्क में Traffic  को नियंत्रित करता है।

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