Difference Between FTP and SFTP in Hindi

आज के इस पोस्ट में हम Difference Between FTP and SFTP in Hindi में जानेंगे की FTP और SFTP Protocol के बीच में क्या अंतर होता हैं?

Difference Between FTP and SFTP in HindiDifference Between FTP and SFTP in Hindi

कंप्यूटर नेटवर्क इसलिए बनाया जाता है ताकि एक कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर के साथ files/data और  information को दूसरे कंप्यूटर के साथ शेयर कर सके।  FTP और  SFTP प्रोटोकॉल एक प्रकर के file transferring protocols है। FTP प्रोटोकॉल नेटवर्क पर बिना किसी Security के ही डेटा को ट्रांसफर करता है और इसलिए इसमें डेटा सिक्योरिटी का खतरा हमेशा बना रहता है। FTP प्रोटोकॉल को उस समय Developed किया गया था जब नेटवर्क पर डेटा सिक्योरिटी का खतरा बहुत ही काम होता था।

FTP प्रोटोकॉल डेटा को Unencrypted ही भेजता है जो किसी Attacker द्वारा आसानी से इंटरसेप्ट किया जा सकता है। इसलिए नेटवर्क पर फ़ाइलों को ट्रांसफर करने के लिए कुछ सुरक्षित चैनल की आवश्यकता थी।

इसके लिए या तो FTP एप्लीकेशन लेयर और TCP के बीच एक Secure Socket Layer जोड़ सकते हैं या फिर एक SFTP  नामक एक independent प्रोटोकॉल का उपयोग कर सकते हैं।

FTP और SFTP दोनों ही प्रोटोकॉल फाइल को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में Transfer करते है लेकिन अगर  FTP और SFTP के बीच के मूल अंतर की बात की जाये तो यह है कि FTP फ़ाइलों को ट्रांसफर करने के लिए एक सुरक्षित चैनल प्रदान नहीं करता है जबकि SFTP द्वारा एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में सुरक्षित फाइल ट्रांसफर होती है।

इसके आलावा भी FTP और SFTP में काफी अंतर होते है जिनको हम नीचे दिए गए Difference Table की सहायता से जानेंगे लेकिन उससे पहले हम FTP और SFTP को और अच्छे से समझ लेते है।

What is FTP in Hindi-FTP क्या हैं?

FTP जिसका पूरा नाम File Transfer Protocol हैं और यह  एप्लीकेशन लेयर पर काम करता है। इस प्रोटोकॉल का इस्तेमाल फ़ाइल को एक कंप्यूटर से दूसरे कम्यूटर में ट्रांसफर या कॉपी करने के लिए किया जाता है। FTP प्रोटोकॉल दो पोर्ट पर काम करता है 20 और 21 जिसमे एक डेटा के लिए और दूसरा कनेक्शन कंट्रोल के लिए है।

FTP Clients क्या होता हैं?

FTP client एक प्रोग्राम है जो एक फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल को लागू करता है और आपको इंटरनेट पर दो Host के बीच फाइल ट्रांसफर करने की अनुमति देता है। यह दूर बैठे Remote Users को भी होस्ट से कनेक्ट करने और फ़ाइलों को अपलोड करने या डाउनलोड करने की अनुमति देता है।

FTP client प्रोग्राम में  कमांड का एक सेट है जिसका उपयोग हम एक होस्ट से कनेक्ट करने के लिए कर सकते हैं, आपके और आपके होस्ट के बीच फ़ाइलों को ट्रांसफर कर सकते हैं और कनेक्शन को बंद कर सकते हैं।

Advantages of FTP

Speed: FTP प्रोटोकॉल की सबसे  बड़ी विशेषता उसकी स्पीड है। एफ़टीपी एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में फ़ाइलों को ट्रासंफर करने का सबसे तेज़ तरीका है।

Efficient: यह प्रोटोकॉल बहुत ही efficient है क्योंकि हमें संपूर्ण फ़ाइल प्राप्त करने के लिए सभी ऑपरेशनों को पूरा करने की आवश्यकता नहीं है।

Security: एफ़टीपी सर्वर तक पहुंचने के लिए, हमें User Name और Password के साथ लॉगिन करना होगा। इसलिए हम कह सकते हैं कि FTP प्रोटोकॉल सुरक्षित है।

Disadvantages of FTP

एफ़टीपी स्वाभाविक रूप से डेटा ट्रांसफर करने का एक गैर-सुरक्षित तरीका है। जब इस प्रोटोकॉल का उपयोग करके कोई फ़ाइल भेजी जाती है, User Name और Password  सभी Clear Text में साझा किए जाते हैं, जिसका मतलब यह है कि कोई हैकर इस जानकारी को बड़ी आसानी से एक्सेस कर सकता है।

FTP प्रोटोकॉल सभी Systems के साथ Compatible नहीं है और यह server-to-server को कॉपी या recursive directory को हटाने की अनुमति नहीं देता है।

What is SFTP in Hindi-SFTP क्या हैं?

SFTP जिसका फुलफॉर्म Secure File Transfer Protocol होता है। यह नेटवर्क पर फाइलों को ट्रांसफर करने का एक सुरक्षित तरीका है। यद्यपि इसके आलावा भी नेटवर्क पर फ़ाइलों एक होस्ट से दूसरे में ट्रांसफर करने के लिए एफ़टीपी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह SFTP की तरह सिक्योर नहीं है।

FTP प्रोटोकॉल को एक Host से दूसरे Host के साथ कनेक्शन स्थापित करने के लिए पासवर्ड की आवश्यकता होती है लेकिन इसमें Password और Data एक Plaintext में होता है जिसे एक Attacker आसानी से देख सकता है और उसका दुरुपयोग कर सकता है।

FTP की कुछ कमियों की वजह से SFTP को Develop किया गया जो नेटवर्क पर फ़ाइलों को ट्रांसफर करने के लिए एक सुरक्षित तरीका  प्रदान करता है। SFTP काफी सिक्योर होता है क्योकि यह SSH (Secure Shell) प्रोटोकॉल का एक हिस्सा है।

जैसा की हम सब जानते है की SSH प्रोटोकॉल क्लाइंट और सर्वर के बीच एक सुरक्षित कनेक्शन स्थापित करता है, और फिर SFTP प्रोग्राम FTP के समान ही काम करता है और SSH द्वारा बनाए गए सुरक्षित चैनल में फ़ाइल को ट्रांसफर करता है। इस तरह SFTP का उपयोग करके  नेटवर्क पर फाइल्स को सुरक्षित रूप से ट्रांसफर किया जा सकता है।

Difference Between FTP and SFTP in Hindi

अभी तक ऊपर हमने जाना की FTP और SFTP किसे कहते है? अगर आपने ऊपर दी गयी सारी बाते ध्यान से पढ़ी है तो आपको FTP और  SFTP के बीच क्या अंतर है इसके बारे में पता चल गया होगा ।

अगर आपको अब भी FTP और  SFTP में कोई confusion है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

S.NO FTP SFTP
1. FTP का फुल फॉर्म File Transfer Protocol होता है।  SFTP का फुलफॉर्म Secure File Transfer Protocol होता है।
2. FTP में, Hosts के बीच फ़ाइलों को ट्रांसफर करने के लिए सुरक्षित चैनल प्रदान नहीं किया गया है। SFTP में, Hosts के बीच फ़ाइलों को Transfer करने के लिए सुरक्षित चैनल प्रदान किया गया है।
3. यह  TCP/IP protocol का पार्ट है। यह एक SSH प्रोटोकॉल है।
4. यह आमतौर पर पोर्ट नंबर -21 पर चलता है। यह पोर्ट नंबर -22 पर चलता है।
5. यह टीसीपी प्रोटोकॉल के तहत कनेक्शन स्थापित करता है। यह SSH प्रोटोकॉल के तहत Control Connection स्थापित करता है।
6. यह डेटा को भेजने से पहले उसे एन्क्रिप्ट नहीं करता है। यह डेटा को भेजने से पहले उसे Encrypt करता है ।
7. यह फाइल ट्रांसफर के लिए डायरेक्ट मेथड पर काम करता है। यह फाइल ट्रांसफर करने के लिए टनलिंग  मेथिड पर काम करता है।
8. यह बिना किसी सुरक्षा के फाइलों को अपलोड और डाउनलोड करता है। यह SSH Keys  का उपयोग करके डेटा की पूर्ण सुरक्षा बनाए रखता है।

Conclusion

इस पोस्ट में हमने जाना Difference Between FTP and SFTP in Hindi की FTP और SFTP Protocol के बीच में क्या अंतर होता हैं? साथ की साथ हमने FTP और SFTP के बारे में भी अच्छे से जाना।

FTP और SFTP दोनों ही फाइल ट्रांसफरिंग प्रोटोकॉल हैं, लेकिन SFTP नेटवर्क पर एक होस्ट से दूसरे होस्ट में फ़ाइल ट्रांसफर करने का एक सुरक्षित तरीका प्रदान करता है।

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