Total Utility और Marginal Utility के बीच क्या अंतर है?

आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे Total Utility और Marginal Utility किसे कहते है और Difference Between Total Utility and Marginal Utility in Hindi की Total Utility और Marginal Utility में क्या अंतर है?

कुल उपयोगिता और सीमांत उपयोगिता के बीच क्या अंतर है?

कुल उपयोगिता (total utility) और सीमांत उपयोगिता (marginal utility) के बीच मुख्य अंतर यह है कि कुल उपयोगिता उपभोक्ता द्वारा किसी वस्तु की विभिन्न इकाइयों के उपभोग से प्राप्त कुल संतुष्टि को संदर्भित करती है जबकि सीमांत उपयोगिता, वस्तु की अतिरिक्त इकाई की खपत से प्राप्त अतिरिक्त उपयोगिता को दर्शाती है।

किसी उत्पाद की उपभोक्ता मांग उससे प्राप्त उपयोगिता पर आधारित होती है। उत्पाद के दृष्टिकोण से, उपयोगिता उपभोक्ता की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक वस्तु की शक्ति को संदर्भित करती है।

जबकि उपभोक्ता के दृष्टिकोण से, यह संतुष्टि या आनंद की एक मनोवैज्ञानिक भावना है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होती है, जो उपभोक्ता द्वारा वस्तु या सेवा के उपभोग पर प्राप्त की जाती है।

Total Utility और Marginal Utility में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते है जिनको हम Difference टेबल के माध्यम से नीचे समझेंगे लेकिन उससे पहले हम Total Utility और Marginal Utility किसे कहते है इसको और अच्छे से समझ लेते है।

What is Total utility in Hindi-कुल उपयोगिता क्या होता है?

कुल उपयोगिता वह समग्र संतुष्टि है जो एक उपभोक्ता विशेष वस्तुओं और सेवाओं के उपभोग से प्राप्त करता है। वस्तुओं या सेवाओं की प्रत्येक व्यक्तिगत इकाई की अपनी एक सीमांत उपयोगिता होती है। कुल उपयोगिता ऐसी सभी व्यक्तिगत वस्तुओं की सीमांत उपयोगिताओं का योग है। एक ग्राहक चाहता है की  वह कम से कम लागत के साथ उपयोगिता की सबसे बड़ी राशि प्राप्त करना है।

What is Marginal Utility in Hindi-सीमांत उपयोगिता क्या होता है?

सीमांत उपयोगिता वह अवधारणा है जिसका उपयोग अर्थशास्त्रियों द्वारा किसी वस्तु या सेवा की अतिरिक्त इकाइयों के उपभोग से प्राप्त संतुष्टि की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जिसका उपयोग अर्थशास्त्रियों द्वारा यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि ग्राहक कितनी मात्रा में वस्तु खरीदना चाहता है।

सीमांत उपयोगिता यह पहचानने में मदद करती है कि संतुष्टि का स्तर ग्राहक के खरीद निर्णय को कैसे प्रभावित करता है।सकारात्मक सीमांत उपयोगिता तब होती है जब एक अतिरिक्त वस्तु की खपत से कुल उपयोगिता बढ़ जाती है, जबकि नकारात्मक सीमांत उपयोगिता तब होती है जब एक अतिरिक्त वस्तु की खपत से वस्तु की कुल उपयोगिता घट जाती है।

Difference Between Total Utility और Marginal Utility in Hindi

अभी तक ऊपर हमने जाना की Total Utility और Marginal Utility किसे कहते है अगर आपने ऊपर दी गयी सारी चीजे ध्यान से पढ़ी है तो आपको Total Utility और Marginal Utility के बीच क्या अंतर है इसके बारे में अच्छे से पता चल गया होगा।

अगर आपको अब भी Total Utility और Marginal Utility  क्या होता है और इसमें क्या अंतर है इसको समझने में में कोई कन्फ़्युशन है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

Total utility Marginal utility
What does it mean?
It is the aggregate of satisfaction that a consumer derives from the consumption of any particular goods or services. It is the amount of satisfaction derived by a consumer by additional consumption of a unit of any particular goods or services.
Rate of increase
Total utility rises as more consumption is done. Marginal utility diminishes with an increase in total utility.
Result
It suffers from diminishing returns. Marginal utility reduces with the consumption of each additional unit.

Conclusion

आज के इस पोस्ट में हमने जाना की Total Utility और Marginal Utility किसे कहते है और Difference Between Total Utility and Marginal Utility in Hindi की Total Utility और Marginal Utility में क्या अंतर है।

Ravi Girihttps://hinditechacademy.com/
नमस्कार दोस्तों, मै रवि गिरी Hindi Tech Academy का संस्थापक हूँ, मुझे पढ़ने और लिखने का काफी शौख है और इसीलिए मैंने इस ब्लॉग को बनाया है ताकि हर रोज एक नयी चीज़ के बारे में अपने ब्लॉग पर लिख कर आपके समक्ष रख सकू।

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