What is VLAN in Hindi -Virtual LAN क्या है?

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे की What is VLAN in Hindi -Virtual LAN क्या है? VLAN कैसे काम करता है और  Advantages of VLAN (Virtual LAN)  और VLAN के इस्तेमाल से नेटवर्क में होने वाले फ़ायदे और नुकसान के बारे में Details में जानेंगे। 
What is VLAN in Hindi -Virtual LAN क्या है

What is VLAN in Hindi -Virtual LAN क्या है?

एक Local area network (LAN) में नेटवर्क डिवाइस होती है जो भौगोलिक सीमा के भीतर एक दूसरे से जुड़े होते हैं। एक LAN नेटवर्क में  कंप्यूटर, हब, ब्रिज, स्विच और राउटर जैसे डिवाइस शामिल होते हैं। Virtual area network (VLAN) same broadcast domain  में  नेटवर्किंग उपकरणों का एक संग्रह है। एक broadcast domain  में नेटवर्किंग डिवाइस रूटिंग डिवाइस के उपयोग के बिना एक दूसरे के बीच जानकारी साझा कर सकते हैं।

ARP Protocol क्या है और यह कैसे काम करता है?

HDLC प्रोटोकॉल क्या है और यह कैसे काम करता है?

VLAN नेटवर्किंग डिवाइस  का एक Logical  समूह है। जब हम VLAN बनाते हैं, तो हम एक Large Broadcast Domain को Smaller Broadcast Domains में  तोड़ते हैं। VLAN को आप एक Subnet के रूप में Consider कर सकते है जिस प्रकार दो अलग-अलग Subnet  राउटर के बिना एक दूसरे के साथ Communication नहीं कर सकते हैं, ठीक उसी  प्रकार दो अलग-अलग VLAN  को आपस में Communication करने के लिए भी राउटर की आवश्यकता होती है।

जैसे की किसी Organisation के दो ऑफिस है एक दिल्ली में और दूसरा गुडगाँव में  और इन दोनों Offices के अपनी अलग अलग  LANs (Local Area Network) है।  दिल्ली के ऑफिस में 50 employees काम करते है। और इसी प्रकार गुडगाँव के ऑफिस में भी में 30 Employees काम करते है। दिल्ली ऑफिस के Employees Accounts Department से  है और गुडगाँव के Employees company की marketing करते है।

अब अगर Accounts Department की building में एक marketing employee की आवश्यकता है ताकि वो Accounts Department के साथ मिलकर काम कर सके। ऐसी Situation में Network administrator Network में VLAN को Configure करता है। और वह  Gurgaonऑफिस की LAN में से एक host (computer/device) को physically remove करके दिल्ली ऑफिस की LAN से connect कर देंगे। अब Accounts Department  के वह employee मार्केटिंगDepartment के साथ मिलकर काम कर सकता है।

VLAN को और अधिक स्पष्ट रूप से समझने के लिए आइए एक और उदाहरण लेते हैं।

  • हमारी कंपनी के तीन ऑफिस हैं।
  • सभी कार्यालय Back Links से जुड़े हैं।
  • कंपनी के तीन Department हैं Development, Production और Administration.
  • Development Department के पास 10  कंप्यूटर हैं।
  • Production Department के पास 15  कंप्यूटर हैं।
  • Administration Department के पास भी 25 कंप्यूटर हैं।
  • प्रत्येक ऑफिस में Development, Production और Administration Department  में से दो-दो कंप्यूटर हैं।
  • Administration और Production Department  के पास संवेदनशील जानकारी है जिसे वह और Development Department के साथ शेयर नहीं करना चाहता है।

डिफ़ॉल्ट कॉन्फ़िगरेशन के साथ सभी कंप्यूटर same broadcast domain साझा करते हैं। इसलिए  Development Department  Administration या Production Department Resources तक पहुंच सकता है।

VLAN के साथ हम physical network पर logical boundaries  बना सकते हैं। मान लें कि हमने अपने नेटवर्क के लिए तीन VLANs बनाए है और उनमे उनसे सम्भंधित कंप्यूटरों  को Assigned किया है जैसे की..

  • VLAN Admin for Administration department
  • VLAN Dev for Development department
  • VLAN Pro for Production department

Physically रूप से हमने कुछ नहीं बदला लेकिन Logically रूप से हमने Devices  को उनके कार्य के अनुसार समूहीकृत किया। इन Groups  [VLAN] को एक दूसरे के साथ Communication करने के लिए राउटर की आवश्यकता होती है।

VLAN की मदद से हमने अपने single network को तीन छोटे नेटवर्क में अलग किया है। ये नेटवर्क एक-दूसरे के नेटवर्क के साथ Broadcast  Share नहीं करते हैं। VLAN network में Security को भी बढ़ाता है। अब Development Department सीधे Administration और Production Department तक नहीं पहुँच सकता।

Point to Point प्रोटोकॉल क्या है?

What is Telnet Protocol in Hindi-Telnet क्या हैं ?

STATIC VLAN क्या है?

  • यह Port based VLAN है। 
  • Switch ports को मैन्युअल रूप से VLAN  को assigned किया जाना चाहिए।
  • Switch ports से कनेक्ट होने वाली कोई भी डिवाइस उस VLAN  का सदस्य बन जाता है।
  • Static VLAN में जैसे ही डिवाइस नेटवर्क में प्रवेश करता है, डिवाइस automatically  रूप से उस पोर्ट के VLAN को मान लेता है।
  • यदि User पोर्ट बदलता है और उसे उसी VLAN को Access करने की आवश्यकता होती है, तो network administrator  मैन्युअल रूप से VLAN  के लिए एक पोर्ट बनाता है।

DYNAMIC VLAN क्या है?

  • सभी Devices को MAC Address  के आधार पर automatically ही एक VLAN  में Assigned किया जाता है।
  • यह क्लाइंट को उसी वीएलएएन में बने रहने की अनुमति देता है, जिस पर ध्यान दिए बिना डिवाइस को पोर्ट किया जाता है।
  • एक उपयोगकर्ता की VLAN membership  हमेशा एक ही रहती है, भले ही वह यूजर नेटवर्क में किसी दूसरे स्थान पर चला गया हो।

Advantage of VLAN

नेटवर्क में  के Virtual Local Area Network (VLAN) को लागू करने के बहुत सारे फायदे है उनमे से कुछ प्रमुख इस प्रकार है |

  • Solve broadcast problem
  • Reduce the size of broadcast domains
  • Allow us to add additional layer of security
  • Make device management easier
  • Allow us to implement the logical grouping of devices by function instead of location
  • Allowing network administrators to apply additional security to network communication
  • Making expansion and relocation of a network or a network device easier
  • Decreasing the latency and traffic load on the network and the network devices, offering increased performance

Conclusion

दोस्तों आज की इस पोस्ट से हमने जाना की What is VLAN in Hindi -Virtual LAN क्या है ? VLAN कैसे काम करता है, DYNAMIC VLAN क्या है? STATIC VLAN क्या है? और Advantage of VLAN मतलब VLAN के इस्तेमाल से नेटवर्क में होने वाले फायदों के बारे में डिटेल्स में जाना।

Leave a Reply