इण्डिया में साइबर क्राइम करने पर कानून और सजा ?

आज के समय में कोई ऐसा नही है जो कंप्यूटर इन्टरनेट और मोबाइल का इस्तेमाल न करता हो आज गरीब से गरीब लोगो के हांथो में भी मोबाइल मिल जायेगा | इन्टरनेट का इस्तेमाल आज हर एक खेत्र में काफी हो रहा है|जब से इन्टनेट का अविष्कार हुआ है तब से दूरसंचार के के खेत्र में एक नयी क्रांति आई है | अब जिस चीज का इस्तेमाल करके  सारे काम हो जाते हो वहां क्राइम का होना लाज़मी है | इसलिए दोस्तों आज  मैं आपको बताऊंगा की इण्डिया में साइबर क्राइम करने पर कानून और सजा |

ऐसा गैरकानूनी काम जिसमें कंप्यूटर को हथियार की तरह इस्तेमाल करके अपराध किये जाते है उन्हें साइबर क्राइम कहा जाता है । अपने देश इण्डिया में ही नही दुनिया भर की सारी सुरक्षा एजेंसिया साइबर क्राइम को बहुत ही गंभीरता से ले रही है | भारत में अभी हाल के ही कुछ सालो से साइबर क्राइम में बहुत तेजी से इजाफा हुआ हैं  भारत में साइबर क्राइम के मामलों में सूचना तकनीक कानून 2000 और सूचना तकनीक (संशोधन) कानून 2008 लागू होते हैं. मगर साइबर क्राइम के कई मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC),  कॉपीराइट कानून 1957,और आतंकवाद निरोधक कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है |

इण्डिया में साइबर क्राइम करने पर कानून और सजा

1. पोर्नोग्राफी/चाइल्ड पोर्नोग्राफी

एसे अशलील फोटो वीडियो जो समाज में सेक्सुअल Excitement  को बढ़ावा देती है  ऐसी  अशलील फोटो वीडियो  को बनाना और  इन्टरनेट के जरिये लोगो तक पहुचना पोर्नोग्राफी के दायरे में आता है|  

  • कानून- पोर्नोग्राफी के मामलों में आईटी संशोधन कानून 2008 की धारा 67A IPC की धारा 292, 293, 294, 500, 506 और 509 और अगर किसी 18 साल के कम लडके या लड़की की असलील फोटो विडियो MMS बनाते हो तो यह  चाइल्ड पोर्नोग्राफी के अंतर्गत आता है और इस केश में IT संशोधन 2009 की धारा 67B और IPC की धाराएँ 292, 293, 294, 500, 506 और 509 के तहत कार्यवाही की जाएगी |
  • सजा: पोर्नोग्राफी जैसे अपराध के लिए कानून बहुत ही सख्त है पहली बार ऐसा करते हुए पाए जाने पर 5 साल तक की जेल तथा 10 लाख तक का जुर्माना और दूसरी बार सजा को बदकार सात साल कर दिया जायेगा |

2. पहचान की चोरी

अगर कोई किसी दुसरे के क्रेडिट कार्ड नंबर पासपोर्ट, आधार, ऑनलाइन बैंकिंग इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर का इस्तेमाल करके पैसे निकालता है या पासपोर्ट, आधार नंबर का गलत इस्तेमाल करता है तो ऐसे केश को पहचान की चोरी  कहा जाता है |

  • कानून- पहचान की चोरी  के अपराध में IT  (संशोधन) एक्ट 2008 की धारा 43, 66C तथा IPC की धारा 419 के तहत कारवाही की जाती है |
  • सजा: पहचान की चोरी का अपराध साबित हो जाने पर तीन साल तक की जेल और/या एक लाख रुपये तक जुर्माना।

3. ई-मेल स्पूफिंग

Phishing, Spam , वायरस फैलाने की मंशा से यदि किसी की ईमेल का इस्तेमाल करते हुए दुसरे को email करते हो तो इसे ई-मेल स्पूफिंग  कहा जाता हैं |

  • कानून  IT कानून 20oo की धारा 77 B और IT संशोधन 2008 की धारा 66 D तथा IPC की धारा 417, 419, 420, और 465 के तहत कार्यवाही की जाती है |
  • सजा: इस तरह के अपराधो में तीन साल तक की जेल और/या जुर्माना हो सकता हैं |

4. सोशल नेटवर्किंग साईट पर तंग करना

अक्सर कुछ लोग सोशल नेटवर्किंग साईट पर अशलील मैसेज पोस्ट करते रहते है या किसी को चैट के द्वारा तंग करते रहते है यह सब साइबर क्राइम के अन्दर आता है | IT संसोधन कानून 2009 की धारा 66A के तहत तीन साल तक की जेल हो सकती है 

5. हैकिंग 

कंप्यूटर मोबाइल य किसी कंपनीके  नेटवर्क में घूसपैठ करके पर्सनल इनफार्मेशन य डाटा से छेड़छाड़ करना  हैकिंग होता हैं | सोशल मीडिया अकाउंट जैसे की फेसबुक और व्हात्सप्प को हैक करना भी साइबर क्राइम के अन्दर आता है|

  • कानून : Hacking  करेने पर IT (संशोधन) एक्ट 2008 की धारा 43 A, धारा 66  तथा  379 और 406 के तहत कार्रवाई की जाती है |
  • सजा:  Hacking का अपराध साबित हो जाने  पर तीन साल तक की जेल और/या 5 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है |

6. डेटा की चोरी 

किसी व्यक्ति, कंपनी के के पर्सनल और गोपनीय डेटा को चोरी करके उसको गलत तरीके से  इस्तेमाल करना| जैसे किसी लड़की के उसके मोबाइल से फोटोज और विडियो को चोरी करके उनको इस्तेमाल करना |

  • कानून:  ऐसे अपराध में दोषी पर IT (संशोधन) कानून 2008 की धारा 43B, धारा 66E , 67C  और IPC की धारा 379, 405, 420 के तहत कार्यवाही की जाएगी |
  • सजा:   अगर डेटा चोरी का अपराध साबित हो जाता है तो  तीन साल तक की जेल या दो लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है |

7. वायरस-स्पाईवेयर फैलाना 

कंप्यूटर वायरस कंप्यूटर प्रोग्रामिग का ही इस्तेमाल करके बनाये है | फाइल डाउनलोड, असुरक्षित फ्लैश ड्राइव, सीडी और पब्लिक WIFI का स्तेमाल करने से वायरस एक से दुसरे कम्पूटर य मोबाइल  में पहुच जाते है  | आपके मोबाइल या कम्पुटर में वायरस आपके मर्जी के बिना Activate हो जाते है और इस  तरह से गोपनीय डेटा चोरी या डिलीट कर  दिया जाता है |

  • कानून  अगर कोई एसे वायरस बनता और उनको किसी के सिस्टम में पहुचता है तो IT संसोधन एक्ट 2008 की धारा 43C, धारा 66 और IPC की धारा 268 और अगर कोई देश की सुरक्षा को खतर पहुचाने के लिए वायरस फैलता है तो 66F के तहत कार्यवाही की जाएगी |
  • सजा : ऐसे मामलों को गम्भीरता से लेते हुए तीन साल की जेल हो सकती है अगर देश की सुरक्षा को खतर पहुचाने के लिए वायरस फैलाया जाता है तो उम्र कैद तक की भी सजा हो सकती है |

दोस्तों आज की इस  पोस्ट से हमने जाना की इण्डिया में साइबर क्राइम करने पर कानून और सजा क्या है , साइबर क्राइम कितने प्रकार के होते है | मुझे आशा की आज की यह पोस्ट आपको ज़रूर पसंद आयी होगी |

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