Cold Booting और Warm Booting में क्या अंतर है?

आज के इस पोस्ट में हम Difference Between Cold Booting and Warm Booting in Hindi में जानेंगे की Cold Booting और Warm Booting में क्या अंतर है?

Cold Booting और Warm Booting में क्या अंतर है?Booting कंप्यूटर सिस्टम की एक प्रक्रिया है व्यापक अर्थ में एक कंप्यूटर को स्टार्ट करने और विशेष रूप से ऑपरेटिंग सिस्टम को नियंत्रण सौंपने की एक प्रक्रिया है। Booting दो तरह की होती है Cold Booting और Warm Booting इस पोस्ट में हम इन दोनों के बीच के अंतर को अच्छे से समझेंगे।

Cold Booting और Warm Booting के बीच के मुख्य अंतर की बात करें तो यह है कि Cold Boot कंप्यूटर सिस्टम के शुरुआत में होता है जहां ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड करने से पहले पावर ऑन सेल्फ टेस्ट (POST) की मदद से कंप्यूटर और रैम के  प्राइमरी कम्पोनेट्स की स्थिति की जाँच की जाती है।

इसके विपरीत Worm Boot प्राइमरी सेल्फ टेस्ट को छोड़ देता है और सीधे ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड करना शुरू कर देता है।

इसके आलावा भी  Cold Booting और Warm Booting में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते है जिनको हम Difference Table की मदद से नीचे समझेंगे लेकिन उससे पहले हम Booting किसे कहते है और यह कितने प्रकार की होती है इसको और अच्छे से जान लेते है।

What is Booting in Hindi-बूटिंग किसे कहते है?

Booting, boot up और start-up यह तीनो समानार्थी शब्द हैं  और यह कंप्यूटर के स्टार्ट होने के दौरन की एक प्रक्रिया है जब हम किस कंप्यूटर सिस्टम को स्टार्ट करते है तो वह ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड करने के लिए Boot प्रोसेस करता है और उपयोग के लिए कंप्यूटर सिस्टम को तैयार करता है।

आइए समझते हैं कि बूटिंग प्रक्रिया कैसे होती है। ऑपरेटिंग सिस्टम के मूल कम्पोनेंट्स को अपनी मुख्य मेमोरी में लोड करके कंप्यूटर को शुरू करने की प्रक्रिया के रूप में बूटिंग को परिभाषित किया जा सकता है।

बूटिंग प्रक्रिया में सबसे पहले ऑपरेटिंग सिस्टम को सर्च किया जाता है और लोड किया जाता है, और अंत में, सिस्टम के सभी नियंत्रण ऑपरेटिंग सिस्टम को दिए जाते हैं। कंप्यूटर में Boot प्रोसेस  ROM (रीड ओनली मेमोरी) चिप की मदद से किया जाता है,

ROM में बूटिंग कमांड को एम्बेडेड किया जाता है और ट्रिगर किया जाता है जैसे ही कोई उपयोगकर्ता कंप्यूटर को चालू  करता है तो यह बूटिंग कमांड अपने आप से ही बूटिंग प्रक्रिया को पूरा करते है।

What is Cold Booting in Hindi-कोल्ड बूटिंग किसे कहते है?

हमने ऊपर जाना की बूटिंग प्रोसेस किसे कहते है और कैसे होता है। कंप्यूटर में बूट प्रोसेस दो तरह से होता है कोल्ड बूट और वर्म बूट। अब, सवाल यह है कि कोल्ड बूटिंग क्या है?

Cold Boot तब होता है जब कंप्यूटर पूरी तरह से ऑफ हो और उसे स्टार्ट किया जाता है।  कंप्यूटर सिस्टम को सबसे पहले स्टार्ट किया जाता है तो सबसे पहले Cold Boot Process होता है यह पहला कदम है जो कंप्यूटर को ऑफ पोजिशन से On पर लाता है।

What is Worm Booting in Hindi-वॉर्म बूटिंग किसे कहते है?

यदि काम करते समय आपका कंप्यूटर किसी कारण से Hang हो जाता है या कोई और प्रोबलम आती है तो सबसे पहले हम अपने कंप्यूटर को Restart करते है और इस प्रोसेस को ही Worm Booting के नाम से जाना जाता है।

कंप्यूटर को Worm Boot करने के लिए कंप्यूटर के रीसेट बटन का उपयोग करते है या तो विशेष की  (यानी, Ctrl + Alt + Del) को दबाकर किया जा सकता है। इस प्रकार के बूटिंग में रैम का परीक्षण नहीं किया जाता है क्योंकि इसमें पावर ऑन सेल्फ टेस्ट नहीं किया जाता है।

Worm Booting का प्रोसेस Cold Booting से अलग होता है क्योंकि यह डिवाइस (कंप्यूटर) को शुरू करने के शुरुआती चरण में नहीं किया जाता है। वर्म बूटिंग में हमारा कंप्यूटर पहले से ON होता है हम बस उसे रीस्टार्ट करते है।

Cold Booting और Warm Booting में क्या अंतर है?

अभी तक ऊपर हमने जाना की Cold Booting और Warm Booting किसे कहते है अगर आपने ऊपर दी गयी सारी चीजे ध्यान से पढ़ी है तो आपको Cold Booting और Warm Booting के बीच क्या अंतर है इसके बारे में पता चल गया होगा।

अगर आपको अब भी Cold Booting और Warm Booting क्या होता है और इसमें क्या अंतर है इसको समझने में में कोई Confusion है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

BASIS FOR COMPARISON COLD BOOTING WARM BOOTING
Basic पॉवरलेस अवस्था से कंप्यूटर चालू करना। एक कंप्यूटर को रीसेट करना जो पहले से ही चालू स्थिति में है।
Initialized by Power button Reset button or या एक साथ Ctrl + Alt + Del दबाकर।
Performed In a frequent basis. Not very common.
Consequence डेटा या अन्य हार्डवेयर को प्रभावित नहीं करता है। डेटा लॉस के कारण सिस्टम को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
Alternate names Hard Booting, Cold start और  dead start. Soft Booting
POST (Power On Self Test) Is included Not included

Conclusion

आज के इस पोस्ट में हमने जाना Difference Between Cold Booting and Warm Booting in Hindi की Cold Booting और Warm Booting में क्या अंतर है इसके साथ की What is Booting in Hindi-बूटिंग किसे कहते है? What is Cold Booting in Hindi-कोल्ड बूटिंग किसे कहते है? और What is Worm Booting in Hindi-वॉर्म बूटिंग किसे कहते है को भी हमने अच्छे से समझा।

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