Difference Between Subnetting and Supernetting in Hindi

आज के इस पोस्ट में हम Difference Between Subnetting and Supernetting in Hindi में जानेंगे की Subnetting और Supernetting  के बीच में क्या अंतर होता हैं?

Difference Between Subnetting and Supernetting in HindiDifference Between Subnetting and Supernetting in Hindi

Subnetting एक बड़े नेटवर्क को उसके छोटे सब नेटवर्क में विभाजित करने की तकनीक है वही इसके विपरीत Superneting के माध्यम सेबहुत सारे छोटे-छोटे नेटवर्क को मिला करके एक बड़ा नेटवर्क बनाया जाता है। सबनेटिंग और सुपरनेटिंग तकनीक हैं का अविष्कार लोकल नेटवर्क में IP Address की कमी की समस्या को हल करने के लिए किया गया हैं।

रूटिंग प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए सुपरनेटिंग को तैयार किया गया था। इसके अतिरिक्त सुपरनेटिंग Routing Table Information के आकार को कम करता है ताकि यह राउटर की मेमोरी में कम जगह का उपभोग कर सके। सबनेटिंग के लिए अच्छी तरह से परिभाषित विधि FLSM और VLSM है जबकि सुपरनेटिंग के लिए CIDR का उपयोग किया जाता है।

इसके आलावा भी Subnetting और Supernetting में कुछ और महत्वपूर्ण अंतर होते है जिनको हम Difference Table के माध्यम से नीचे जानेंग लेकिन उससे पहले Subnetting और Supernetting किसे कहते है इसको थोड़ा और अच्छे से समझ लेते है।

What is Subnetting in Hindi- सबनेटिंग किसे कहते है?

सबनेटिंग एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा एक फिजिकल नेटवर्क को कई छोटे आकार के लॉजिकल उप-नेटवर्क में विभाजित  किया जाता हैं और इन सबनेटवर्क को सबनेट के रूप में जाना जाता है। एक आईपी एड्रेस नेटवर्क सेगमेंट और एक होस्ट सेगमेंट से मिल कर बनता है।

IP Address के होस्ट सेगमेंट में कुछ परिवर्तन करके एक सबनेट का निर्माण किया जाता है जो मूल नेटवर्क में कई छोटे आकार के उप-नेटवर्क को असाइन करने के लिए उपयोग किया जाता है। सबनेटिंग मूल रूप से होस्ट बिट्स को नेटवर्क बिट्स में परिवर्तित करता है।

सबनेटिंग नेटवर्क एडमिन को एक ही नेटवर्क को उसके सबनेटवर्क को  class A, class B, class C नेटवर्क को छोटे भागों में विभाजित करने की अनुमति देता है।

VLSM (Variable Length Subnet Mask) एक ऐसी तकनीक है जो आईपी एड्रेस को अलग-अलग आकार के सबनेट में विभाजित करती है और मेमोरी अपव्यय को रोकती है। इसके अलावा, जब हर एक सबनेट में Hosts की संख्या समान होती है तो उसे FLSM (Fixed Length Subnet Mask) के रूप में जाना जाता है।

सबनेटिंग ब्रॉडकास्ट डोमेन को विभाजित करता है, जिसका अर्थ है कि नेटवर्क में ट्रैफ़िक को कुशलता से रूट किया जाता है जिससे नेटवर्ककी गति और के प्रदर्शन में काफी  सुधार होता है साथ ही सबनेट नेटवर्क की सिक्योरिटी को भी मजबूत करता है।

What is Supernetting in Hindi-सुपरनेटिंग किसे कहते है?

सुपरनेटिंग सबनेटिंग की बिल्कुल विपरीत प्रक्रिया है, जिसमें कई छोटे-छोटे नेटवर्क को एक ही नेटवर्क में  मिलाया जाता हैं। सुपरनेटिंग करते समय, मास्क बिट्स को डिफ़ॉल्ट मास्क के बाईं ओर ले जाया जाता है।

सुपरनेटिंग को router summarization और aggregation के रूप में भी जाना जाता है। यह नेटवर्क पतों की कीमत पर अधिक होस्ट पतों के निर्माण में परिणत होता है, जहां मूल रूप से नेटवर्क बिट्स होस्ट बिट्स में परिवर्तित हो जाते हैं।

आमतौर पर Supernetting की प्रक्रिया को internet service provider द्वारा किया जाता है  CIDR (Classless Inter-Domain Routing) स्कीम का इस्तेमाल इंटरनेट पर नेटवर्क ट्रैफिक को रूट करने के लिए किया जाता है। CIDR एक सुपरनेटिंग तकनीक है जहां नेटवर्क राउटिंग के लिए कई सबनेट को एक साथ जोड़ा जाता है। सरल शब्दों में, CIDR उप-नेटवर्क्स में IP पतों को उन पतों के मूल्य से स्वतंत्र आयोजित करने की अनुमति देता है।

Subnetting और Supernetting में क्या अंतर है?

अभी तक ऊपर हमने जाना की Subnetting और Supernetting किसे कहते है अगर आपने ऊपर दी गयी सारी चीजे ध्यान से पढ़ी है तो आपको Subnetting और Supernetting के बीच क्या अंतर है इसके बारे में पता चल गया होगा।

अगर आपको अब भी Subnetting और Supernetting क्या होता है और इसमें क्या अंतर है  इसको समझने में में कोई Confusion है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

S.NO SUBNETTING SUPERNETTING
1. सबनेटिंग किसी नेटवर्क को सब-नेटवर्क में विभाजित करने की प्रक्रिया है। सुपरनेटिंग छोटे नेटवर्क को मिलकर एक बड़े नेटवर्क को बनाने की प्रक्रिया है।
2. सबनेटिंग में, नेटवर्क एड्रेस के बिट्स बढ़ जाते हैं। होस्ट पतों की बिट्स बढ़ जाती हैं।
3. सबनेटिंग में, मास्क बिट्स को दाईं ओर ले जाया जाता है। सुपरनेटिंग में, मास्क बिट्स को बाईं ओर ले जाया जाता है।
4. सबनेटिंग को Variable-length subnet masking के माध्यम से लागू किया जाता है। जबकि सुपर्नेटिंग क्लासलेस इंटरडोमेन रूटिंग के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है।
5. सबनेटिंग में Address depletion को reduced या removed कर दिया जाता है। जबकि इसका उपयोग रूटिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किया जाता है।

Conclusion

आज के इस पोस्ट में हमने जाना Difference Between Subnetting and Supernetting in Hindi की Subnetting और Supernetting के बीच में क्या अंतर होता हैं साथ में हमने Subnetting और Supernetting किसे कहते है इसको भी अच्छे से समझा।

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